Assembly Election Delhi 2025: इससे उनके चुनावी गणित में दिक्कतें आ सकती हैं। यादवों को अपने पक्ष में करने की उनकी योजना विफल हो चुकी है।
Samajwadi Party (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को समर्थन देने की घोषणा ने कांग्रेस के नांगलोई विधानसभा क्षेत्र के Rohit Chaudhary Candidate की रणनीति पर खासा असर डाला है। इससे उनके चुनावी गणित में दिक्कतें आ सकती हैं। यादवों को अपने पक्ष में करने की उनकी योजना विफल हो गई है।
Assembly Election Delhi 2025: रोहित चौधरी
Rohit Chowdhary रोहित के साले हैं और उत्तर प्रदेश के चरथावल विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक हैं। उनकी बहन के ससुर हरेंद्र मलिक मुजफ्फरनगर से सपा सांसद हैं। रोहित चौधरी के साले और उत्तर प्रदेश के चरथावल विधानसभा क्षेत्र से SP MLA Pankaj Malik हरेंद्र मलिक की बहन के ससुर और मुजफ्फरनगर से सपा सांसद हैं। अखिलेश के आप को समर्थन और उनके इस ऐलान ने रोहित के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। इसका सीधा असर उनके प्रचार अभियान पर पड़ सकता है क्योंकि उनका परिवार सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन करने के लिए कम इच्छुक होगा।
Assembly Election Delhi 2025: कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करना मुश्किल हो सकता है
सपा के शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिए गए निर्णय के बाद उनके परिवार के लिए Congress Candidate का समर्थन करना मुश्किल हो सकता है। उन्हें अपनी पार्टी की लाइन के खिलाफ जाना होगा। रोहित चौधरी को पूरा भरोसा है कि उनका परिवार उनके प्रति अपना कर्तव्य निभाएगा और मदद करेगा। उन्होंने कहा कि राजनीति एक चीज है और रिश्ते बिल्कुल अलग चीज। हरेंद्र मलिक, मेरे बहनोई Pankaj Malik पंकज मलिक और मैं अपने चुनाव प्रचार में एक-दूसरे का साथ देंगे।
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नांगलोई में यादव वोटर अहम हैं नांगलोई विधानसभा क्षेत्र (Nangloi assembly constituency) में यादव समुदाय का करीब 15 फीसदी वोट बैंक है, जो चुनाव नतीजों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। रोहित चौधरी की रणनीति अखिलेश यादव की रैली कराकर यादव वोटरों को अपनी ओर आकर्षित करने की थी, लेकिन अखिलेश के आप को समर्थन देने के बाद यह संभावना लगभग खत्म हो गई है।