Protest in Jaipur against Amit Shah: जयपुर, राजस्थान 21 दिसंबर : भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
Protest in Jaipur against Amit Shah: अमित शाह के बयान के खिलाफ
यह मंगलवार को संविधान के 75 साल पूरे होने पर दो दिवसीय चर्चा के अंत में राज्यसभा में शाह के भाषण के बाद आया है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अंबेडकर के अंतिम नाम का इस्तेमाल करना अब पार्टी के लिए “फैशन” बन गया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने अंबेडकर की जगह इतनी बार भगवान का नाम इस्तेमाल किया होता, तो उन्हें सात जन्मों तक स्वर्ग मिलता। बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती ने 24 दिसंबर, 2008 को केंद्रीय गृह मंत्री के खिलाफ राष्ट्रीय प्रदर्शन का आह्वान किया। मायावती ने एक्स पर एक श्रृंखला में लिखा कि शाह की टिप्पणियों ने लोगों के दिल और दिमाग को चोट पहुंचाई है।

Protest in Jaipur against Amit Shah: बसपा और मायावती का तीखा प्रतिरोध
Protest in Jaipur against Amit Shah: उन्होंने कहा, “बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर को सभी लोग भगवान मानते हैं। उन्होंने मूल पुस्तक लिखी, जो एक अतिमानवीय संविधान था, जिसका उद्देश्य इस देश में उपेक्षित दलितों और अन्य लोगों के मानवाधिकारों और स्वाभिमान की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि अमित शर द्वारा अंबेडकर के प्रति अनादर लोगों के दिल और दिमाग को ठेस पहुंचाता है।
“देश के सभी सामाजिक वर्गों के लोग ऐसे महान व्यक्ति के बारे में संसद में कहे गए शब्दों से उत्तेजित और क्रोधित हैं। मायावती ने कहा कि अंबेडकरवादी बसपा मांग करती है कि वह अपना बयान वापस लें और माफी मांगें, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं किया गया है। ऐसे में बसपा ने मांग पूरी न होने पर देशभर में आवाज उठाने की बात कही है।
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Protest in Jaipur against Amit Shah: बसपा और मायावती का तीखा प्रतिरोध: 24 दिसंबर का प्रदर्शन
पार्टी ने अब 24 दिसंबर को देशव्यापी प्रदर्शन कर इस मांग का समर्थन करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि उस दिन देश के हर जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन होगा। बसपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी बाबा साहब अंबेडकर को समर्पित है, जिन्होंने दलितों और बहुजनों को अपने पैरों पर खड़ा करने और सम्मान के साथ जीने तथा उन्हें आरक्षण जैसे कई कानूनी अधिकार दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस, भाजपा आदि अगर बाबा साहब का दिल से सम्मान नहीं कर सकते तो उनका अनादर भी न करें। उन्होंने कहा कि जिस दिन बाबा साहब ने संविधान में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को कानूनी अधिकार दिए, उसी दिन उन्हें सात जन्मों का स्वर्ग भी मिल गया। (एएनआई)
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