Pv sindhu Olympics : सरला वेंकट सिंधु (Pusarla Venkata Sindhu), जिन्हें Pv sindhu के नाम से जाना जाता है, सिंधु भारत में सबसे प्रभावशाली Badminton Player में से एक हैं. सिंधु Rio Olympics 2016 में रजत पदक जीतने वाली एकमात्र भारतीय शटलर बनीं (Olympic Silver medalist Indian Shutter) और 2019 में World Championship में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय भी बनीं. पीवी सिंधु इस साल के 2024 में ओलंपिक गेम्स में शामिल हैं जो फ्रांस की राजधानी पेरिस में 26 जुलाई से लेकर 11 अगस्त तक होने हैं. पीवी सिंधु ओलंपिक खेलों के ध्वजवाहक के रूप में शामिल होगीं (Olympic 2024 Paris).
Pv sindhu ने अगस्त 2021 में चीन की He Bing Jiao को हराकर Tokyo Olympics 2020 में महिला एकल कांस्य पदक (Olympic Bronze Medal) जीता. Pv sindhu date of birth : पीवी सिंधु का जन्म कहां हुआ?
Pv sindhu का जन्म 5 जुलाई 1995 में हैदराबाद में हुआ. इनके पिता पीवी PV Ramana और मां विजया Vijaya हैं, दोनों ही राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी भी रहे हैं. पीवी सिन्धु ने पुलेला गोपीचंद की सफलता से प्रेरणा ली और 8 साल की उम्र में बैडमिंटन खेलना शुरू किया. उन्होंने ऑक्सिलियम हाई स्कूल, हैदराबाद से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की. सेंट एन्स कॉलेज फॉर विमेन की पूर्व छात्रा रही हैं.
Pv sindhu Olympics: पीवी सिंधु ने बैडमिंटन खेलना कब शुरू किया?

पीवी सिंधु ने 8 साल की उम्र में बैडमिंटन खेलना शुरू किया पीवी सिंधु को पहली सफलता 5वीं सर्वो ऑल इंडिया रैंकिंग चैंपियनशिप में अंडर -10 वर्ग में खिताब जीतकर मिली. पीवी सिंधु ने सितंबर 2012 में 17 साल की उम्र में Basel World Championship BWF रैंकिंग के शीर्ष 20 में जगह बनाने के बाद अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की.
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उन्होंने 2017 में विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय शटलर बनने का इतिहास रचा. कई उपलब्धियां हासिल करने के बाद, वह बीडब्ल्यूएफ (BWF) विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप) में एक के बाद एक पदक जीतने वाली पहली भारतीय भी हैं. सिंधु लगातार तीन बार Grand Prix का खिताब भी जीत चुकी हैं.

पीवी सिंधु को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए 2013 में अर्जुन पुरस्कार भी दिया गया और 2016 में खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था. साल 2015 में,पीवी सिंधु सबसे कम उम्र में पद्म श्री प्राप्त करने वाली शख्सियत बनीं. उन्हें 2020 में पद्म भूषण सम्मान से भी नवाजा गया.
Pv sindhu Olympics: पीवी सिंधु ने डेब्यू कब किया था?

राष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू (2009):
- 2009 में, सिंधु ने सब-जूनियर और जूनियर राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप में हिस्सा लिया।
- उन्होंने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए कई पदक जीते और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू (2009):
- 2009 में, सिंधु ने इंटरनेशनल सर्किट में कदम रखा।
- सुब्रमण्य भारती यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट (2009) में, उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन समुदाय का ध्यान आकर्षित किया।

प्रमुख उपलब्धियां (प्रारंभिक दौर):
2012 में, उन्होंने चाइना मास्टर्स सुपर सीरीज में पूर्व ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता ली शुएरुई को हराकर बड़ी उपलब्धि हासिल की।
2010 में, सिंधु ने एशियन जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।
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Pv sindhu Olympics: पीवी सिंधु की हॉबी क्या है?

पीवी सिंधु ने आईड्रीम स्पोर्ट्स को बताया कि उन्हें संगीत सुनना पसंद है। उन्होंने कहा, “मैं हर तरह का संगीत सुनती हूं। कभी-कभी मैं अपनी दुनिया में बस संगीत सुन रही होती हूं, जब मैं तैयार भी हो रही होती हूं।”
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी को पार्टियों में जाने का शौक नहीं है और छुट्टी के दिनों में वह अपने परिवार के साथ घर पर समय बिताती हैं। हालांकि, सिंधु अनिवार्य रूप से शाकाहारी हैं, लेकिन वह अपनी मां द्वारा पकाए गए मांसाहारी भोजन की काफी शौकीन है।