Rajasthan Congress Crisis चुनाव के बाद कांग्रेस ने ब्लॉक से प्रदेश स्तर का फीडबैक लिया गया था। Rajasthan Congress Crisis ऐसा इसलिए किया गया ताकि यह जानकारी जुटाई जा सके कि चुनाव के दौरान जिन नेताओं को जो जिम्मेदारी दी गई थी, उन्होंने उसे जिम्मेदारी से पूरा किया या नहीं। जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे अनुशासन समिति की बैठक शुरू हुई। यह देर शाम तक चल सकती है।
ये भी पढ़ें- CM Yogi | गोरखपुर मंदिर में सीएम योगी ने जनता दरबार में सुनी समस्याएं
Rajasthan Congress Crisis: कांग्रेस पार्टी के भितरघात करने वाले नेताओं पर हो सकती है कार्यवाही ?
Congress Disciplinary Committee Meeting इस बैठक की अध्यक्षता उदयलाल आंजना कर रहे हैं। इस बैठक में हाल ही में हुए विधानसभा और लोकसभा चुनाव में खलल डालने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों ने बताया है कि आज एक दर्जन मामलों पर चर्चा होगी और अंत में अंतिम फैसला आएगा। इस बैठक में हाकम अली, विनोद गोठवाल, शकुंतला रावत समेत अन्य सदस्य मौजूद हैं। इसका मतलब यह है कि आज शाम तक इन मामलों की सुनवाई होने के बाद पीसीसी पदाधिकारी या पीसीसी सदस्य जैसे नेताओं पर कार्रवाई हो सकती है।
इन नेताओं ने दोनों चुनावों में कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया है। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद राज्य स्तर पर फीडबैक भेजा। ऐसा इसलिए किया गया ताकि यह जानकारी जुटाई जा सके कि चुनाव के दौरान जिन नेताओं को जो जिम्मेदारी दी गई थी, वे जिम्मेदार थे या नहीं। कौन लापरवाह था, या पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल था? इस फीडबैक के बाद सबसे ज्यादा तोड़फोड़ की शिकायतें ब्लॉक स्तर से आई हैं।पदाधिकारियों से इन घटनाओं का स्पष्टीकरण मांगा गया है।

Rajasthan Congress Crisis: जब कांग्रेस ने बीएपी के साथ गठबंधन की घोषणा की थी
Congress Disciplinary Committee Meeting कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधि में दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जायेगी । सबसे ज्यादा हंगामा बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा क्षेत्र को लेकर हुआ। इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी की घोषणा उनके नामांकन दाखिल करने से पहले ही हो चुकी थी। जब कांग्रेस ने बीएपी के साथ गठबंधन की घोषणा की और उनसे नामांकन वापस लेने को कहा तो प्रत्याशी ने इनकार कर दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता दो गुटों में बंट गए। किसी ने गठबंधन के प्रत्याशी को वोट दिया तो किसी ने कांग्रेस के प्रत्याशी को। इसके अलावा कई सीटों पर पर्दे के पीछे तोड़फोड़ की गई। पार्टी ने हाल ही में पूर्व प्रदेश सचिव और पूर्व मंत्री अमीन खान को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। डूंगरपुर के विधायक गणेश घोघरा को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। ऐसे में यह बैठक कई अहम फैसले ले सकती है।